राज (रीता से)- तुम्हारे पापा से शादी की बात करना चाहता हूं। कौन-सा समय ठीक रहेगा?
रीता (राज से)- सुबह-सुबह जब वे मंदिर से लौट रहें हों और उनके पैरों में जूते न हों। अगले दिन राज ने रीता के पापा को मंदिर से लौटते समय घेर लिया।
उस समय उनके पैर में जूते नहीं थे। राज ने गिड़गिड़ाते हुए कहा- आज बड़ी हिम्मत से आपसे एक बात कहना चाहता हूं। हिम्मत इसलिए बढ़ गई है कि आपके पैरों में जूते नहीं हैं।
रीता के पापा ने कहा- घबराओ नहीं जूते पैरों में नहीं मगर कुर्ते की जेब में तो है।
2)
अध्यापक (रवि से)- यदि एक औरत एक काम को एक घंटे में करती है तो चार औरत उसी काम को कितनी देर में करेगी।
रवि (अध्यापक से)- चार घंटे में।
अध्यापक- नहीं पंद्रह मिनट में। लगता है तुम गणित ठीक से नहीं जानते।
रवि- नहीं सर, उस काम में चार घंटे ही लगेंगे आपके जवाब से तो ऐसा लगता है कि आप औरतों को नहीं जानते।
3)
बंता (संता से)- यार संता तुम्हारा दिमाग तो सही है ? ये ऑटोरिक्शा का एक पहिया क्यों निकाल रहे हो, वापस कैसे जाओगे?
संता (बंता से)- यहां जो लिखा है क्या तुम उसे पढ़ नहीं सकते कि यह पार्किग सिर्फ दोपहिए वाहनों के लिए है।
4)
रामू (डॉक्टर से)- डॉक्टर साहब! ये फूलों की माला किस के लिए?
डॉक्टर (रामू से)- ये मेरा पहला ऑपरेशन है, सफल हुआ तो मेरे लिए, नहीं तो तुम्हारे लिए।
5)पत्नी का ऊपरी होंठ फट गया। डॉक्टर ने टांके लगाने के 10 रुपये मांगे। पति ने 20 रुपये का नोट दिया और दोनों होंठों पर टांके लगाने को कहकर ऑपरेशन रूम से बाहर आ गया।